मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना-आर्थिक रूप से कमजोर सभी धर्म की कन्याओं व महिलाओं को सरकार देगी मदद

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औरैया -10 जनवरी  -जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्रा ने आज कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर किसी भी धर्म की कन्याओं व महिलाओं के सामूहिक विवाह कराये जाने के सम्बन्ध में एक बैठक आयोजित की अपने संबोधन में श्री मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले जरूरतमंद, निराश्रित/निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या, विधवा, परित्यक्ता एवं तलाक शुदा महिलाओं के विवाह हेतु मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत शादी अनुदान योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से विवाह सम्पन्न कराया जायेगा। उन्होने कहा कि कार्यक्रम मे सम्मलित हेाने वाले लोगो को उनकी सामाजिक, धार्मिक मान्यता एंवं परम्परा तथा रीति रिवाज के अनुसार विवाह करने की व्यवस्था करायी जायेगी। उन्होने कहा कि समाज में सर्वधर्म समभाव एवं सामाजिक समरसता को बढावा देने के उद्देश्य से वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न कराये जाने हेतु सभी वर्ग के व्यक्तियोे की पुत्रियों की शादी हेतु समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत दिशा निर्देश/नीति के अनुसार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी श्रीकांत मिश्रा ने आज कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से सामूहिक विवाह कराये जाने के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्हेाने कहा कि योजना के अन्तर्गत कन्या के अभिभावक उ0प्र0 के मूल निवासी हो। उन्होने कहा कि कन्या के अभिभावक निराश्रित, निर्धन तथा जरूरतमंद हो। जिलाधिकारी ने बताया कि आवेदक के परिवार की आय गरीबी रेखा की सीमा के अन्तर्गत होना चाहिए या जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया हो कि लाभार्थी की स्थिति नितान्त दयनीय एवं वंचित है। उन्होने कहा कि विवाह हेतु किये गये आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है तथा वर के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण हो गयी है। उन्होने कहा कि आयु की पुष्टि के लिए स्कूल के शैक्षिक रिकॉर्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड एवं आधार कार्ड मान्य होगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्धन परिवारों की कन्या के विवाह, विधवा, परित्यक्ता/तलाकशुदा जिसका कानूनी रूप से तलाक हो गया हो का पुनर्विवाह। उन्होेने कहा कि अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछडा वर्ग के आवेदको को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होने बताया कि विवाह हेतु निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांगजन अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो को प्राथमिकता प्रदान की जायेगी। उन्होने कहा कि कार्यक्रम क आयोजन हेतु सम्बन्धित निकाय द्वारा एक विवाह कार्यक्रम समिति गठित की जायेगी समिति द्वारा ही विवाह कार्यक्रम के लिए स्थल चयन, टैण्ट की व्यवस्था, पानी की व्यवस्था, भोजन की व्यवस्था के साथ ही विवाह संस्कार और अतिथियों के लिए सत्कार की व्यवस्था करनी होगी। उन्होने बताया कि समिति विवाह कार्यक्रम के लिए तिथि निर्धारित करेगी और उसके आने वाले क्षेत्र में तिथि व कार्यक्रम का प्रचार प्रसार करेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि कन्या के दाम्पत्य जीवन में खुशहाली एवं गृहस्थी की स्थापन हेतु सहायता राशि 20 हजार रूपयें कन्या के खाते में अंतरित की जायेगी। उन्होने कहा कि विधवा, परित्यक्ता/तलाकशुदा के मामले में सहायता राशि 25 हजार रूपयें होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री कपडे, बिछिया, पायल चांदी के तथा 7 बर्तन(10 हजार रूपये) किन्तु विधवा, परित्यक्ता/तलाकशुदा के मामले में यह धनराशि रूपये 5 हजार हेागी। जिलाधिकारी ने कहा कि सामग्री की गुणवत्ता और मूल्य का निर्धारण जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जायेगा। उन्होने बताया कि कार्यक्रम आयोजन हेतु भोजन पंडाल फर्नीचर, पेयजल, विद्युत/प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं हेेतु 5 हजार रूपये प्रति जोडा ग्रामीण/शहरी निकाय स्तर पर गठित विवाह समिति को दिया जायेगा। उन्होने बताया कि एक जोडे पर कुल रूपये 35 हजार मात्र की धनराशि का व्ययभार आयेगा। उन्होने कहा कि न्यूनतम 10 जोडे होने पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम द्वारा गठित समिति स्वयंसेवी संस्थाओं तथा समाज के सम्भ्रांत व्यक्तियों से भी दान स्वरूप धनराशि प्राप्त करा सकती है जिसका विवरण विवाह समिति द्वारा प्रथक से रखा जायेगा। उन्हेाने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा इस योजना के अन्तर्गत धनराशि का आवंटन जिला समाज कल्याण अधिकारी का कर दिया गया है। उन्होनेे बताया कि जनपद स्तर से धनराशि का निकायों को स्थानांतरण जिलाधिकारी के अनुमोदन से किया जाये। उन्होने बताया कि योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों का औसत लक्ष्य प्रत्येक वर्ष निर्धारित किया जायेगा।
उन्होने कहा कि इस वर्ष मुख्यमत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत प्राप्त हुई है और 474 शादी का लक्ष्य दिया गया है। उन्होने कहा कि जनपद वार निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष जिले के अन्तर्गत आने वाले निकायों हेतु लक्ष्य का निर्धारण किया जायेगा। उन्होने बताया कि जिले की कुल जनसंख्या तथा सामूहिक विवाह हेतु उपलब्ध आवेदन पत्रो की संख्या के आधार पर प्रशासकीय विभाग द्वारा मुख्यमंत्री जी का अनुमोदन प्राप्त कर भौतिक लक्ष्य में आवश्यकता अनुसार परिर्वतन किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित क्रय नियम के अन्तर्गत आरक्षित सूची से हटकर अन्य सामग्री क्रय किये जाने तथा कार्यक्रम के आयोजन पर किये जाने वाले व्यय जो अनिवार्य रूप से किया जाना है, के लिए जिलाधिकारी प्रतिवर्ष अपने जिले के लिए दरें निर्धारित कर सकेगे जिलाधिकारी ने बताया कि सामूहिक विवाह में सम्मिलित हेाने वाली कन्याओं एवं विवाह करने वाले लडके को संयुक्त रूप से पंजीकरण हेतु निर्धारित प्रारूप पर ऑफ लाइन आवेदन विवाह हेतु निर्धारित तिथि से 45 दिन पूर्व करना होगा। आवेदन पत्र क अलावा विवाह पंजीयन हेतु दो दो प्रति फोटो भी उपलब्ध कराने हेागे। उन्होेने बताया कि निर्धारित आवेदन पत्र ग्रामीण क्षेत्र मे जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत तथा शहरी क्षेत्र में नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत के कार्यालय में आवश्यक अभिलेखों के साथ जमा करायेगे। उन्होने बताया कि आवेदन पत्र प्राप्ति की रसीद आवेदक को सम्बन्धित निकाय द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। उन्होने कहा कि आवेदन पत्र प्राप्ति के बाद सम्बन्धित निकायों द्वारा उनकी पात्रता का सत्यापन कराया जायेगा। विवाह कार्यक्रम सम्पन्न होने के बाद सम्बन्धित निकायों द्वारा वर, वधु को विवाह का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जायेगा।
उन्होने बताया कि वर, वधु को दी जाने वाली सामग्री प्राप्ति रसीद के रूप मे प्राप्त करायी जायेगी। जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत आमंत्रित करने के प्रक्रिया के सुचारू एव्र प्रभावी कार्यन्वयन जनपद स्तरीय समिति का गठन किया गया है उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे इस इस योजना में सामूहिक रुप से सहयोग करें। इस योजना का सभी थाना, तहसील, ब्लाक में पोस्टर होर्डिंग बैनर के माध्यम से प्रचार प्रसार कराया जाए। बैठक में अपर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी ,समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त अधिशाषी अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, पिछडा वर्ग कल्याण अधिकारी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं अन्य सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

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